Good homemaker part 2

गोल्ड जूलरी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं : क्या है हॉलमार्क
भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के तहत ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) हॉलमार्क के आवंटन और उस पर निगरानी रखने वाली रेगुलेटरी बॉडी है। बीआईएस ने साल 2000 से भारत में सोने की जूलरी पर हॉलमार्क लगाने का काम शुरू किया। हॉलमार्क वाली जूलरी अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड की होती है। इस पर जूलर्स व भारत सरकार की गारंटी होती है। इसकी शुद्धता को नकारा नहीं जा सकता। इस जूलरी को आप कहीं भी बेचने जाएं, इसमें कोई कटौती नहीं होती। कैसे पहचानें हॉलमार्क
जो जूलरी हॉलमार्क होगी, उस पर पांच तरह के निशान जरूर होंगे। ये हैं :
1. बीआईएस का लोगो
2. सोने की शुद्धता बताने वाला नंबर। सोने की शुद्धता अंकों में लिखी होती है। सभी कैरेट की हॉलमार्किंग अलग होती है। वैसे, 22 कैरेट की जूलरी सबसे अच्छी मानी जाती है। इसमें 92 फीसदी सोना होता है। इसे इस तरह देखा जा सकता है।
23 कैरेट- 958
22 कैरेट- 916
21 कैरेट- 875
18 कैरेट- 750
17 कैरेट- 708
14 कैरेट- 585
9 कैरेट- 376 3. जांच-पड़ताल व हॉलमार्किंग करने वाली एजेंसी का लोगो
4. जूलर्स का लोगो
5. हॉलमार्किंग किए जाने का साल। हॉलमार्किंग होने का साल अंग्रेजी के अल्फाबेट के आधार पर होता है। चूंकि हॉलमार्किंग की शुरुआत 2000 में हुई इसलिए 2000 में हॉलमार्क की गई जूलरी पर A लिखा गया। इसी आधार पर इस साल यानी 2010 में जिस जूलरी की हॉलमार्किंग होगी, उस पर K लिखा जाएगा। हॉलमार्क कराने की कीमत
गोल्ड जूलरी हॉलमार्क किए जाने की कीमत को लेकर जूलर्स कस्टमर्स को अक्सर गुमराह करते हैं, जबकि इसे हॉलमार्क कराए जाने की कीमत महज 50 रुपये प्रति पीस से भी कम होती है। जिस जूलरी को जूलर्स हॉलमार्किंग के लिए भेजते हैं, उसे बनाने में शुरू से ही क्वॉलिटी का ध्यान रखा जाता है। जूलरी तैयार कर लेने के बाद जूलर्स उसे हॉलमार्क एजेंसी के पास भेजते हैं। अगर जूलरी स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरती, तो उसे हॉलमार्क नहीं किया जाता। हॉलमार्क जूलरी लेने का फायदा
हॉलमार्क जूलरी भले ही पहली नजर में महंगी लगे, लेकिन इसे लेना हमेशा फायदे का सौदा होता है। हॉलमार्क जूलरी के कैरेट आप कहीं भी कैरेट मीटर से चेक करा सकते हैं, जबकि बिना हॉलमार्क जूलरी की शुद्धता का पता उस जूलरी को मेल्ट (गला) करके ही लगाया जा सकता है। आप अपनी पुरानी जूलरी की शुद्धता जूलर्स के पास उपलब्ध कैरेट मीटर से चेक करा सकते हैं और मौखिक विवरण ले सकते हैं। एमएमटीसी की झंडेवालान स्थित लैब हालांकि आधिकारिक रूप से जूलरी की शुद्धता की जांच नहीं करती, फिर भी यहां से आप जूलरी की शुद्धता का अंदाजा ले सकते हैं। इसके लिए कोई चार्ज नहीं है। बिल लेना न भूलें
हॉलमार्क जूलरी का भी बिल जरूर लें। बिल में रेट, वेट के अलावा गोल्ड की शुद्धता भी लिखी होनी चाहिए। जूलर्स के साथ कोई विवाद होने की स्थिति में यह बिल काम आता है।