Hope India

:: आज के भारत की दुर्दशा ::

"एक ओर समृद्धि थिरकती, पास सिसकती है कंगाली.
एक देह पर एक न चिथड़ा, एक स्वर्ण के गहनों वाली."

"इधर खड़े हैं रम्य महल, आसमान को छूने वाले.
इधर खड़ी है झोपडियां, जिनके छप्पर चूने वाले."

आइये!
देश की इस विषमता को मिटाएं; भ्रष्टाचार को भगाएं; देश की राजनीती को स्वच्छ बनायें;
समता, शुचिता, सुशासन से राष्ट्र का नव-निर्माण कर भारत को दुनियां का सिरमौर बनायें.
JOIN TO MAKE INDIA A SUPERPOWER!!!
IMP NOTE: Please don't post nasty and abusive views..No hatred speech.. No Party-politics.. First keep this group clean and fair to LINK true Indian friends.